– इन अमरुदों की खेती के लिए इन्हें उगाने के लिए पौधों की साइज डेढ़ से दो फीट तक रहती है जिसके लिए ग्राफ्टिंग प्रोसेस में यूज की जाती है। – दो साल में इसकी अधिकतम ऊंचाई 6 से 7 फीट हो जाती है।  इसकी खेती भी शुरू हो चुकी है। खास बात यह कि यह अमरूद भारत के अमरुदों की वैरायटियों से सबसे अलग है। साइज में बड़े इस अमरुद का भीतरी रंग तरबूज जैसा लाल सुर्ख है तथा बिना बीज वाला है। इस मौसम में इसकी कुछ आवक शुरू हो गई है

– इन अमरुदों की खेती के लिए इन्हें उगाने के लिए पौधों की साइज डेढ़ से दो फीट तक रहती है जिसके लिए ग्राफ्टिंग प्रोसेस में यूज की जाती है।

– दो साल में इसकी अधिकतम ऊंचाई 6 से 7 फीट हो जाती है।

– दो साल बाद एक पेड़ में अधिसंख्य अमरूद आ जातें हैं।

– जिन स्थानों पर देशी अमरूदों की खेती होती है, इसकी भी खेती वहीं की जा सकती है। इसमें टेम्प्रेचर को लेकर किसी प्रकार की अनिवार्यता नहीं है। यह एक ऐसा अमरुद है जो नासपाती जैसा मीठा, तरबूज जैसा सुर्ख लाल है. इसमें आपको बीज की संख्या बहुत कम देखने को मिलती है.

यह अमरुद भारत के अन्य अमरूद की वैरायटी में सबसे अलग है. साइज में बड़े जापानी अमरूद का अंदर का रंग तरबूज जैसा लाल है. इसमें बीज की संख्या बहुत कम है.मंडियों में जापानी अमरूद की डिमांड काफी तेज है. इसकी खेती ग्राफ्टिंग प्रोसेस के तहत की जा सकती है.

रेड diamond
जापानी जाम की खास बातें

  • इन अमरुदों की खेती के लिए इन्हें उगाने के लिए पौधों की साइज डेढ़ से दो फीट तक रहती है जिसके लिए ग्राफ्टिंग प्रोसेस में यूज की जाती है
  • दो साल में इसकी अधिकतम ऊंचाई 6 से 7 फीट हो जाती है
  • दो साल बाद एक पेड़ में काफी अमरूद आने लगते हैं
  • जिन स्थानों पर देशी अमरूदों की खेती होती है, इसकी भी खेती वहीं की जा सकती है
  • PLANT AVA.IN SHEKHWATI KIRSHI FARM-8949619262

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